दो निर्दलीय विधायकों से नहीं हुआ कांग्रेस का संपर्क, हॉर्स ट्रेडिंग का डर; होटलों में विधायक से मिलते रहे दिग्विजय

भोपाल . मध्यप्रदेश विधानसभा को सत्र सात जनवरी से शुरू हो रहा है। सत्ता पक्ष कांग्रेस ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया है। हॉर्स ट्रेडिंग की खबरों के कारण बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने अपने विधायकों को राजधानी भोपाल के किसी बाहरी होटलों में रोक रखा है। कांग्रेस रूठे विधायकों को भी एकजुट करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह शनिवार की रात कई बार होटल में पहुंचे और यहां रूके विधायकों से मुलाकात की है। बता दें कि कांग्रेस की सरकार अल्पमत में है यहां बसपा ने कांग्रेस को समर्थन दिया है। बसपा के दो विधायक हैं वहीं, चार निर्दलीय विधायकों ने भी कांग्रेस को समर्थन दिया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस का दो निर्दलीय विधायकों के साथ संपर्क नहीं हुआ है।



विधायक कर सकते हैं क्रास वोटिंग
विधानसभा के पहले सत्र में विधानसभा स्पीकर का चुनाव होना है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस को आशंका है कि कुछ विधायक विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। ऐसे विधायकों को मनाने के लिए दिग्विजय सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहींं, सरकार को समर्थन देने वाले दो निर्दलीय विधायकों केदार डाबर और विक्रम सिंह राणा से कांग्रेस के नेता दिनभर संपर्क करते रहे पर उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। माना जा रहा विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए भाजपा भी अपना उम्मीदवार खड़ा कर सकती है। हालांकि भाजपा की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष के लिए किसी भी नेता का नाम अब तक सामने नहीं आया है और ना ही भाजपा ने इसके बारे में कोई जानकारी दी है।


कई विधायक हैं नाराज
कमलनाथ सरकार को विधानसभा में पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। सरकार के साथ सपा, बसपा और निर्दलीय हैं। कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली हैष जिस कारण कांग्रेस के कई विधायक नाराज हैं। इसके अलावा बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह ठाकुर (शेरा) को भी मंत्री नहीं बनाए जाने के कारण नाराज हैं औऱ सरकार को चेतावनी भी दे चुके हैं।। वहीं, कांग्रेस के कद्दावर नेता केपी सिंह और एंदल सिंह कंसाना को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने से उनके समर्थक नाराज हैं जबकि कई नेताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक विधायक भी सिंधिया को सीएम नहीं बनाए जाने से नाराज हैं और सरकार के खिलाफ वोटिंग करने की बात कह चुके हैं। 

शिवराज ने दिया जवाब
दिग्विजय सिंह द्वारा भाजपा के दो पूर्व मंत्रियों नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह पर लगाए गए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, कांग्रेस सरकार अल्पमत की है लेकिन उनके पास हमसे ज्यादा संख्या है। इसलिए हमने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया था कि भाजपा सरकार नहीं बनाएगी।